मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी कर्मचारी का बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। अदालत ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक कर्मचारी को सेवा से हटाने के फैसले को बरकरार रखते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति चालागा और अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने कहा कि लंबे समय तक अनधिकृत अनुपस्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना कि इससे संस्थान के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और यह अनुशासनहीनता का गंभीर मामला है।
याचिकाकर्ता कर्मचारी ने कोविड-19 महामारी और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देकर राहत मांगी थी। उसका कहना था कि वह अपने माता-पिता के पास रहने के कारण समय पर ड्यूटी नहीं ज्वाइन कर सका। हालांकि अदालत ने इस दलील को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि कर्मचारी ने आवश्यक अनुमति तथा वैध दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं किए।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया गया सेवा से हटाने का निर्णय कानून सम्मत है। इस फैसले को सरकारी और निजी संस्थानों में सेवा अनुशासन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



