रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) छत्तीसगढ़ द्वारा जीएसटी जागरूकता एवं अनुपालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष जितेंद्र दोशी तथा प्रदेश महामंत्री परमजीत सिंह सलूजा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्योगपति और करदाता शामिल हुए।
कार्यशाला में जीएसटी कानून, विभागीय जांच, नोटिस, समन, ऑडिट और व्यापारियों की कानूनी जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने व्यापारियों को बदलते कर कानूनों, डिजिटल अनुपालन और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए समय पर दस्तावेजों के संधारण और नियमों के पालन पर जोर दिया।
अमर पारवानी ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी जांच से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि सभी दस्तावेज व्यवस्थित हों और नियमों का पालन किया जाए तो अधिकांश विवादों और समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून की सही जानकारी व्यापारियों को आत्मविश्वास के साथ व्यवसाय संचालित करने में मदद करती है।
प्रदेश महामंत्री परमजीत सिंह सलूजा ने जीएसटी विभाग की प्रक्रियाओं, नोटिस, निरीक्षण, सर्वे और ऑडिट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी नोटिस या समन की अनदेखी न करें तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को जीएसटी कानूनों के प्रति जागरूक बनाना और अनुपालन को बढ़ावा देना था। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता और सही मार्गदर्शन से व्यापारी न केवल कानूनी जटिलताओं से बच सकते हैं, बल्कि अपने व्यवसाय को भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित कर सकते हैं।



