रायपुर। राजधानी रायपुर में इन दिनों आयोजित 16 दिवसीय “आचार्य पदरोहण, सहस्रावधान एवं तपस्या महोत्सव” के दौरान एक अद्भुत और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। महोत्सव के दूसरे दिन 14 वर्षीय बालमुनि हंसम्रद महाराज ने सहस्रावधान का दुर्लभ प्रदर्शन करते हुए एक हजार सवालों के सटीक उत्तर देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
कार्यक्रम में बालमुनि से विभिन्न विषयों से जुड़े शब्द, अंक, ऐतिहासिक नाम, स्थान और अन्य जानकारियां पूछी गईं। उन्होंने न केवल इन सभी को याद रखा, बल्कि क्रमवार और उल्टे क्रम में भी सही उत्तर देकर अपनी असाधारण स्मरण शक्ति का परिचय दिया। उनकी इस प्रतिभा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजन समिति के अनुसार सहस्रावधान एक अत्यंत कठिन बौद्धिक साधना है, जिसमें एक साथ बड़ी मात्रा में जानकारी को याद रखना और उसे सही क्रम में प्रस्तुत करना होता है। बालमुनि का यह प्रदर्शन आध्यात्मिक अनुशासन, एकाग्रता और कठोर साधना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
महोत्सव में देशभर से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में अनेक संतों, धर्मगुरुओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने बालमुनि की अद्भुत क्षमता की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। आज संतश्री विनयकुशल मुनि को आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किए जाने का भी विशेष आयोजन होगा।



