नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) में बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच पार्टी के छह बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर शिवसेना के शिंदे गुट में विलय का पत्र सौंप दिया। सांसदों ने स्पीकर से लोकसभा में उन्हें शिंदे गुट के साथ बैठने की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।
बागी सांसदों ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर पार्टी की मूल विचारधारा से भटकने और कांग्रेस के साथ नजदीकी बढ़ाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पार्टी जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, वह शिवसेना की स्थापना के मूल उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है।
इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने भी बागी सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
उधर, शिवसेना नेता संजय राउत ने बागी सांसदों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें गद्दार और बेईमान बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी और जनता ऐसे नेताओं को कभी माफ नहीं करेगी, जिन्होंने व्यक्तिगत हितों के लिए संगठन को नुकसान पहुंचाया।
महाराष्ट्र की राजनीति में इस नए घटनाक्रम से उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं शिंदे गुट इसे अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ने का संकेत बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।



