नई दिल्ली/पुणे। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ने परीक्षा से पहले एक प्राइवेट ट्यूशन सेशन के दौरान छात्रों को प्रश्न लीक किए थे।
CBI के अनुसार, आरोपी PV कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। इसी वजह से उसे 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली हुई थी। एजेंसी का आरोप है कि कुलकर्णी ने अपनी जिम्मेदारी और पद का दुरुपयोग करते हुए प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाए।
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को विशेष ट्यूशन सेशन में संभावित सवाल बताए गए थे। बाद में जांच एजेंसियों को मिले इनपुट और डिजिटल सबूतों के आधार पर CBI ने कुलकर्णी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद औपचारिक गिरफ्तारी की गई।
NEET-UG पेपर लीक: क्या है पूरा मामला? जानिए अब तक की बड़ी बातें
3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में लगभग 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है जो MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज में अंडरग्रेजुएट स्तर पर प्रवेश लेना चाहते हैं।
परीक्षा के कुछ दिनों बाद ही पेपर लीक के आरोप सामने आने लगे। विवाद उस समय और बढ़ गया जब राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने मामले में जांच शुरू की। इसके बाद 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
NTA ने 10 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा था कि एजेंसी राजस्थान SOG द्वारा शुरू की गई कार्रवाई और कथित अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्टों से अवगत है। NTA के मुताबिक, 3 मई को परीक्षा तय कार्यक्रम और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी।
अब तक कितनी गिरफ्तारियां?
CBI ने अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 5 आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है, जहां से उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
वहीं, कल गिरफ्तार किए गए बाकी 2 आरोपियों को आज पुणे की अदालत में पेश किया जा रहा है। CBI उन्हें ट्रांज़िट रिमांड पर लेकर दिल्ली लाने की तैयारी में है, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी का मानना है कि इस पेपर लीक रैकेट में कई राज्यों तक फैला बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है।
कैसे सामने आया पेपर लीक का मामला?
राजस्थान SOG की शुरुआती जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ। जांच के दौरान पुलिस को हाथ से लिखे सवालों का एक सेट मिला, जिसे “गेस पेपर” बताया जा रहा था। हालांकि, बाद में यह पाया गया कि उस गेस पेपर के कई सवाल वास्तविक NEET परीक्षा से मेल खाते थे।
जांच में सामने आया कि जीव विज्ञान (Biology) के सभी 90 प्रश्न और रसायन विज्ञान (Chemistry) के सभी 45 प्रश्न उस कथित गेस पेपर में मौजूद थे। कुल 281 सवालों वाले इस दस्तावेज़ ने एजेंसियों के संदेह को और मजबूत कर दिया।
आमतौर पर गेस पेपर पिछले वर्षों के पैटर्न और संभावित प्रश्नों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर सवालों का मैच होना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया।
छात्रों में बढ़ा आक्रोश
पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई छात्रों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
सरकार और जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।



