आज आयोजित बहुजन समाज के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षाविद, सामाजिक चिंतक एवं बहुजन विचारक, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री करमन खटकर ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए बहुजन समाज के हितों एवं अधिकारों पर विस्तृत विचार रखे।

अपने उद्बोधन में उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को संविधान के माध्यम से समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।
श्री कर्मन खटकर ने कांशीराम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने का कार्य किया। साथ ही मायावती के नेतृत्व और उनके सामाजिक-राजनीतिक योगदान पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “बहुजन समाज का वास्तविक हित तभी संभव है जब बहुजन समाज की सरकार बनेगी।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि बहुजन समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा। जब तक समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए प्रयास नहीं करेगा, तब तक समुचित विकास संभव नहीं है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने आह्वान किया कि वे एकजुट होकर समतामूलक सामाज, शिक्षा के प्रसार और अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि बहुजन समाज का उज्ज्वल भविष्य जागरूकता, एकता और सशक्त नेतृत्व से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।



