दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती 22 वर्षीय सिकल सेल पीड़ित युवती दीपिका गाड़ा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध नहीं था। समय पर ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण युवती की हालत लगातार बिगड़ती गई।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी में ब्लड उपलब्ध कराने के बजाय डोनर लेकर आने को कहा। रक्तदाता की तलाश में काफी समय बीत गया और इसी दौरान युवती की तबीयत गंभीर हो गई। सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और ब्लड बैंक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



