छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बस्तर क्षेत्र के लिए विशेष विकास पैकेज की मांग उठा सकते हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से अतिरिक्त सहयोग मिलने पर आदिवासी अंचलों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
बताया जा रहा है कि बैठक में रोजगार, कौशल विकास, औद्योगिक निवेश, आदिवासी क्षेत्रों के सशक्तिकरण तथा खनिज संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। राज्य सरकार बस्तर को वर्ष 2031 तक देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री साय तकनीक आधारित सुशासन के 3-टी मॉडल—टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन—को भी प्रमुखता से प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके तहत डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे, जहां राज्यों की विकास प्राथमिकताओं और केंद्र से अपेक्षित सहयोग पर चर्चा होगी।



