ओमान के तट के पास भारतीय मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ ड्रोन हमले के बाद डूब गया। सभी 14 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए हैं। MEA ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए हमले की निंदा की है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ओमान के समुद्री तट के पास भारतीय फ्लैग वाले मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ (MSV HAJI ALI BDI 1492) पर एक भीषण ड्रोन हमला हुआ है। यह हमला इतना शक्तिशाली था कि कुछ ही पलों में जहाज में आग लग गई और वह देखते ही देखते समंदर में समा गया।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर तीखी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच गुजरात का शिपिंग उद्योग लगातार ऐसे हमलों का शिकार हो रहा है।
सोमालिया से शारजाह की ओर जा रहा था जहाज
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार 13 मई 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे यह जहाज सोमालिया के बरबरा से शारजाह की ओर जा रहा था。 जब यह ओमान के लिमाह के पास से गुजर रहा था, तभी एक मिसाइल या ड्रोन जोरदार धमाके के साथ जहाज से टकरा गया। इस हमले के तुरंत बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह डूबने लगा। यह जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले का था और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रूट पर अपनी नियमित यात्रा पर था।
14 भारतीय नाविकों की बाल-बाल बची जान
जहाज को डूबता देख उस पर सवार कुल 14 क्रू सदस्यों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने लाइफबोट्स और टाइम सिग्नल का इस्तेमाल कर अपनी जान बचाई। ओमान कोस्ट गार्ड और नेवी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। हादसे के बाद इन नाविकों को ओमान के दीबा बंदरगाह पर पहुँचाया गया है और अब उन्हें वापस भारत लाने की कोशिशें की जा रही हैं। जहाज के मालिक सुल्तान अहमद संघार ने भी सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है।
एक हफ्ते में दूसरी बड़ी घटना: ‘अल फैज नूर सुलेमानी-1’ भी डूबा
यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक हफ्ते के भीतर भारतीय जहाज के डूबने की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 8 मई 2026 की रात को गुजरात का ही एक अन्य जहाज ‘अल फैज नूर सुलेमानी-1’ भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में डूब गया था। वह जहाज दुबई से यमन के मुक्काला जा रहा था और अमेरिका-ईरान के बीच हुई गोलीबारी की चपेट में आ गया था। इन लगातार होती घटनाओं ने हिंद महासागर और खाड़ी देशों के व्यापारिक मार्ग पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया और जांच जारी
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल ओमान पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि जहाज पर यह हमला किसने किया है। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना और सुरक्षा एजेंसियां भी इस क्षेत्र में अपनी निगरानी बढ़ा रही हैं ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।



