शिक्षाकर्मियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका : नियमित शिक्षकों जैसी सुविधाओं और वेतनमान की मांग ठुकराई

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शिक्षाकर्मियों को नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान और सेवा लाभ देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि, पंचायत विभाग के अंतर्गत नियुक्त शिक्षाकर्मी, स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित सरकारी शिक्षकों की श्रेणी में नहीं आते, इसलिए उन्हें समान वेतनमान और प्रमोशनल लाभ नहीं दिए जा सकते।

मांगी थी प्रमोशनल वेतनमान 
मामले में शिक्षाकर्मियों ने 10 मार्च 2017 के शासन परिपत्र का हवाला देते हुए 10 और 20 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रमोशनल वेतनमान की मांग की थी। हालांकि अदालत ने कहा कि, संबंधित परिपत्र केवल नियमित सरकारी शिक्षकों पर लागू होता है, पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों पर नहीं।

शिक्षाकर्मियों की अपील कर दी खारिज
कोर्ट ने यह भी माना कि, पंचायत विभाग में दी गई सेवा को स्कूल शिक्षा विभाग की नियमित सेवा के समान नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों की अपील खारिज कर दी।

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