रायपुर। शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में जमकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली, लंबित भुगतान और कथित कमीशनखोरी के मुद्दे पर आयुक्त के सामने नाराजगी जाहिर की।
बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि सफाई और अन्य ठेकों में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। कुछ पार्षदों ने अधिकारियों पर 2 से 12 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए। इस पर निगम आयुक्त ने आरोप लगाने वालों से ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा और भरोसा दिलाया कि साक्ष्य मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सफाई व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव और नए मॉडल को लेकर भी कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि प्रयोगधर्मी योजनाओं के बजाय मौजूदा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
बैठक में शिकायत निवारण प्रणाली और नागरिकों की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने शिकायतों के निराकरण और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं आयुक्त ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया।



