नई दिल्ली। पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें हिरासत में ही रहना होगा।
ज्योति मल्होत्रा ने इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 7 मई को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी के पाकिस्तान से जुड़े लोगों और एजेंसियों के साथ संपर्क होने के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा की थी और वहां कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से मुलाकात की थी।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। ऐसे मामलों में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने में विशेष सावधानी बरतनी आवश्यक है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक ज्योति मल्होत्रा न्यायिक हिरासत में रहेंगी।



