मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना के रिटायरमेंट पर सस्पेंस, अंतिम फैसले पर टिकी नजरें

    0

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना 30 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। इस तारीख को लेकर गृह विभाग-पुलिस मुख्यालय में ठन गई है। शुरुआत पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा से गृह विभाग को भेजी उस नोटशीट से हुई, जिसमें रिटायरमेंट की तारीख 2 दिसंबर 2026 बताई गई। लिखा है, मकवाना ने पदभार 2 दिसंबर 2024 को लिया था। इसलिए रिटायरमेंट की तारीख दिसंबर 2026 होनी चाहिए। गृह विभाग का कहना हना है, तकनीकी रूप से ये उचित नहीं है।

    23 नवंबर 2024 को जारी आदेश में ये लिखा
    संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति की बैठक 21.11.2024 को हुई थी। प्राप्त पैनल में से राज्य शासन द्वारा मकवाना का चयन कर डीजीपी पद पर 1 दिसंबर 2024 से पदस्थ किया जाता है। यह आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी किया गया था। स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार के अनुसार रिटायरमेंट का आदेश निकालने को लेकर गृह विभाग को पत्र लिखा है।

    एक दिसंबर से कार्यकाल
    गृह विभाग का कहना है कि नए डीजीपी का कार्यकाल 1 दिसंबर से अगले दो साल के लिए होता है। ऐसी स्थिति में नियुक्त होने वाले अफसर भले ही दो या चार दिन बाद पदभार संभालें, लेकिन आदेश 1 दिसंबर से ही मान्य होगा। ऐसे में डीजीपी मकवाना के रिटायरमेंट की तारीख 30 नवंबर ही मानी जाएगी। हालांकि नोटशीट पर चर्चा होने के बाद जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

    पैनल में इनके नाम
    सरकार ने दिल्ली भेजे 12 नामों के पैनल में 91 बैच के वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा, उपेंद्र जैन हैं। 92 बैच के पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी. अखेतो सेमा, 93 बैच के अनिल कुमार, रवि गुप्ता व अन्य हैं।

    अक्टूबर 2025 में बढ़ाया गया था कार्यकाल
    जानकारी के लिए बता दें कि, DGP कैलाश मकवाना का कार्यकाल 31 अक्टूबर 2025 को बढ़ाया गया था। उनकी रिटायरमेंट की तारीख अब एक साल बढ़कर बढ़ाया गया था। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर लिया गया था, जिसके आदेश मध्य प्रदेश के गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव ने जारी किए थे।

    नियमों के अनुसार, कैलाश मकवाना का रिटायरमेंट 1 दिसंबर 2025 को होना था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दायर सिविल याचिका में दिए गए आदेशों का पालन करते हुए, डीजीपी पद का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष निर्धारित है। मकवाना को 23 नवंबर 2024 को जारी आदेश के तहत 1 दिसंबर 2024 से डीजीपी के रूप में पदस्थ किया गया था, इसलिए उन्हें दो साल का अनिवार्य कार्यकाल पूरा करने के लिए यह अएक्सटेंशन प्रदान किया गया था।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here