मध्यप्रदेश में 16 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति पर रोक, DSP से फिर इंस्पेक्टर बनाने का फैसला

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    भोपाल
     मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. जुलाई 2026 में निरीक्षक (इंस्पेक्टर) से उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर पदोन्नत किए गए 15 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति निरस्त कर दी गई है. ये फिर निरीक्षक की जिम्मेदारी संभालेंगे. गृह विभाग ने इस संबंध में 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किए थे, जो अब सामने आए हैं. आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को वापस निरीक्षक संवर्ग में भेज दिया गया है। 

    जानकारी के मुताबिक, इन अधिकारियों की पदोन्नति के मामलों की समीक्षा के दौरान विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण और दंड प्रभावशील होने जैसी स्थितियां सामने आईं. इन परिस्थितियों के चलते संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति के लिए पात्र नहीं माना गया. इसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर पहले जारी किए गए पदोन्नति आदेशों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। 

    तीन अलग-अलग संवर्गों के अधिकारी प्रभावित
    पदोन्नति निरस्त किए गए 15 अधिकारियों में निरीक्षक संवर्ग के 12 अधिकारी शामिल हैं. इनके अलावा विशेष शाखा के एक निरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (विसबल) के एक निरीक्षक और एक आरक्षित निरीक्षक की पदोन्नति भी निरस्त की गई है. इस फैसले से पुलिस विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की विभागीय स्थिति और पात्रता की जांच का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। 

    निरीक्षक संवर्ग के 12 अधिकारी

    1. महेंद्र सिंह भदौरिया
    2. विपिन बिहारी सिंह
    3. योगेंद्र सिंह जादौन
    4. महेंद्र सिंह परमार
    5. शैलेश कुमार मिश्रा
    6. भरत सिंह ठाकुर
    7. मनीष मिश्रा

    8. विनय आर्य
    9. सोमलता मलिक
    10. सुरेश चंद्र नागर
    11. दीपक सेजवार
    12. संतोष कुमार पंद्रे

    अन्य संवर्ग के अधिकारी

    13. कल्पना रघुवंशी – निरीक्षक, विशेष शाखा
    14. देवेंद्र दुबे – निरीक्षक, विसबल
    15. अर्जुन सिंह पंवार – आरक्षित निरीक्षक

       
    इससे पहले 78 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति हुई थी निरस्त

    मध्य प्रदेश पुलिस में पदोन्नति निरस्त किए जाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 1 सितंबर 2026 को पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने जुलाई में पदोन्नत किए गए 78 उप निरीक्षकों और कार्यवाहक निरीक्षकों की पदोन्नति निरस्त करने का आदेश जारी किया था. सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के आधार पर संबंधित अधिकारियों की पात्रता की समीक्षा की गई थी. विभागीय जांच और आपराधिक प्रकरणों सहित अन्य कारणों के चलते उन्हें पदोन्नति के लिए अनुपयुक्त पाया गया था. अब इंस्पेक्टर से DSP बनाए गए 15 अधिकारियों की पदोन्नति रद्द होने के बाद पुलिस विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। 

    कुल मिलाकर जुलाई में पदोन्नत हुए अधिकारियों के मामलों की समीक्षा के बाद गृह विभाग ने 15 अधिकारियों को वापस निरीक्षक पद पर भेजने का फैसला लिया है. इस कार्रवाई से साफ है कि पदोन्नति के बाद भी संबंधित नियमों और पात्रता की समीक्षा के आधार पर आदेश में बदलाव किया जा सकता है। 

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