प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार (18 मई) को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ (Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit) से सम्मानित किया गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर उनके काम को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी को अपने कार्यकाल में अब तक मिला यह 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
किंग ओलाव पंचम ने 1985 में की थी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की शुरुआत
‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ नॉर्वे का सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है। इसकी स्थापना साल 1985 में किंग ओलाव पंचम (King Olav V) द्वारा की गई थी। यह सम्मान विदेशी और नॉर्वेजियन नागरिकों को ‘नॉर्वे और मानव जाति के हित में उनकी उत्कृष्ट सेवा के बदले इनाम’ के रूप में प्रदान किया जाता है।
स्वीडन भी दे चुका है अपना सर्वोच्च सम्मान
नॉर्वे से यह सम्मान मिलने के ठीक एक दिन पहले पीएम मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से भी सम्मानित किया गया था। स्वीडन ने यह अवार्ड द्विपक्षीय संबंधों में उनके असाधारण योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया था। पीएम मोदी ने इस पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है।
पीएम मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के हिस्से के रूप में नॉर्वे पहुंचे हैं। नॉर्वे की धरती पर कदम रखने के बाद वहां के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने खुद उनका स्वागत किया। पीएम मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई और उन्होंने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया।
यूक्रेन-मिडिल ईस्ट जंग पर दिया शांति संदेश
अपनी साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के संकट को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने की वकालत की।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का समर्थन करने के लिए नॉर्वे सरकार को धन्यवाद दिया। इस दर्दनाक आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।



