रायपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में राजधानी के न्यूरो केयर सेंटर और वूमेंस क्लिनिक एंड फर्टिलिटी सेंटर को महिला मरीज को साढ़े पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि महिला के उपचार में सेवा की कमी और लापरवाही बरती गई, जिससे उसे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामले के अनुसार, महिला इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी, जहां जांच रिपोर्ट का समुचित अध्ययन किए बिना दवा दे दी गई। दवा लेने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और शरीर में दुष्प्रभाव दिखाई देने लगे। बाद में अन्य चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद उसे लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी।
उपभोक्ता फोरम ने सुनवाई के दौरान पाया कि उपचार प्रक्रिया में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई और मरीज को उचित चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। इसे सेवा में कमी मानते हुए आयोग ने दोनों संस्थानों को संयुक्त रूप से 5.5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश जारी होने के 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान करना होगा। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित संस्थानों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों और मरीजों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



