साल 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले में कांग्रेस के अंदरूनी लोग ही शामिल थे: नड्डा

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जांजगीर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के अंदरूनी लोग ही 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले को अंजाम देने में शामिल थे, जिसके कारण कांग्रेस नेताओं की हत्या हुई.

नड्डा ने राज्य में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर ‘जनादेश परब’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार का नक्सलियों के साथ समझौता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली ‘डबल-इंजन’ सरकार ने नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने काम किया. नड्डा ने कहा कि 2013 में झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले के दौरान वह छत्तीसगढ़ में पार्टी के प्रभारी थे.

उन्होंने कहा, “आज मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि झीरम घाटी की घटना की जानकारी और अंदर की खबर कोई और नहीं दे रहा था, बल्कि पार्टी के लोग ही अपने लोगों को मरवाने के लिए लगे हुए थे और नक्सलियों के संपर्क में थे.” माओवादियों ने 25 मई, 2013 को राज्य के बस्तर जिले की झीरम घाटी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की ‘परिवर्तन रैली’ के दौरान नेताओं के काफिले पर हमला किया था, जिसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोग मारे गए थे.

घटना के बाद रमन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी थी. वहीं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया था. आयोग ने नवंबर 2021 में रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी थी हालांकि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई. नड्डा ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और छत्तीसगढ़ में साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद माओवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर निर्णायक कार्रवाई की गई. उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद अब राज्य के कुछ गांवों और जिलों तक ही सीमित रह गया है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “पिछले दो साल में करीब 2,500 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1,853 को गिरफ्तार किया गया है तथा हिडमा व बसवराजू जैसे कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया गया है.” नड्डा ने भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें याद है कि उस समय बघेल सरकार में आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे कारनामे थे, कुशासन था, भ्रष्टाचार थे, जो वादे उन्होंने किए थे उसे पूरा नहीं किया था, साथ में तुष्टिकरण की नीति थी, सबसे बड़ी बात यह थी कि नक्सलवाद के साथ समझौता था.”

उन्होंने विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के दो साल के ‘रिपोर्ट कार्ड’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए पांच लाख से अधिक हितग्राहियों को10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई. वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा, पुनर्वास और विकास तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है.

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