14 साल पुराने साढ़े तीन करोड़ के फर्नीचर घोटाले की फिर जांच शुरू, राजीव गांधी शिक्षा मिशन पहुंची टीम

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अभनपुर। छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत वर्ष 2011-12 में हुए कथित साढ़े तीन करोड़ रुपये के फर्नीचर घोटाले की जांच एक बार फिर शुरू हो गई है। मामले की पड़ताल के लिए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला परियोजना कार्यालय पहुंची और पुराने रिकॉर्ड तथा दस्तावेजों की जांच की।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2011-12 में फर्नीचर खरीदी में अनियमितताओं का आरोप लगा था। जांच में यह सामने आया था कि फर्नीचर की खरीदी के नाम पर निर्धारित मात्रा से अधिक भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक रूप से अपेक्षित सामान उपलब्ध नहीं कराया गया। इस कथित अनियमितता से शासन को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने कई घंटों तक पुराने रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य फाइलों की जांच की। मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी अपने साथ ले जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा से कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच पहले भी शुरू हुई थी, लेकिन अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी थी। अब 14 वर्ष बाद फाइल फिर से खुलने के बाद मामले में नई कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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