वाशिंगटन डीसी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पूर्व वकील अलीना हब्बा मिल्डन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। मामला 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 440 करोड़ रुपये के एक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है।
आरोप है कि हब्बा ने अमेरिकी न्याय विभाग में काम करते हुए वेनेजुएला के एक कारोबारी परिवार के साथ करोड़ों डॉलर का समझौता किया था। इस खबर के सामने आने के बाद ट्रंप ने भी इसे गलत बताते हुए कहा है कि ऐसा बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ट्रंप ने पूरे मामले को बताया 'भयानक'
फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत और हैरान करने वाला है। उन्होंने हब्बा से कहा था कि वह इस तरह का भुगतान नहीं चाहेंगे। ट्रंप ने इस पूरे मामले को 'भयानक' बताते हुए कहा कि यह किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
4 साल में 50 मिलियन डॉलर मिलने का था समझौता
इस मामले का खुलासा अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के बैंकर जूलियो हेरेरा वेलुटिनी के परिवार ने अलीना हब्बा मिल्डन को चार साल में 50 मिलियन डॉलर से अधिक देने की गारंटी वाला समझौता किया था।
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें हर साल 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 88 करोड़ रुपये मिलने थे। इसके अलावा बोनस का भी प्रावधान था। जूलियो हेरेरा वेलुटिनी पर अमेरिका में रिश्वतखोरी से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे।
हालांकि, अगस्त 2025 में उन्होंने एक समझौते के तहत अपना मामला सुलझा लिया था। इसके बाद उनके परिवार की कंपनी कॉनकॉर्ड पार्टनर्स ने हब्बा के साथ यह समझौता किया।
सरकारी पद पर रहते हुए हुआ था करार
रिपोर्ट के मुताबिक, हब्बा जब न्यू जर्सी में अमेरिका की कार्यवाहक अटॉर्नी के पद पर थीं, उसी दौरान उन्होंने हेरेरा के परिवार की कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे
खास बात यह है कि कॉनकॉर्ड पार्टनर्स कंपनी का रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2025 के आखिरी दिनों में ही हुआ था। इसके कुछ ही दिनों बाद हब्बा ने कंपनी के साथ समझौता कर लिया।
हब्बा को बाद में देना पड़ा इस्तीफा
हालांकि, इस बीच उनकी सरकारी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे थे। एक अमेरिकी अपील अदालत ने 1 दिसंबर 2025 को उन्हें अमेरिकी अटॉर्नी के पद पर बने रहने से अयोग्य ठहरा दिया था।
इसके बाद हब्बा ने 8 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उसी दिन उन्हें अमेरिकी अटॉर्नी जनरल का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया। अखबार के मुताबिक, वह इस पद पर रहते हुए भी 1 जनवरी 2026 से कॉनकॉर्ड पार्टनर्स के साथ जुड़ गई थीं।



