रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से डिजिटल एडिक्शन और तथाकथित ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ से बाहर निकलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इनके अत्यधिक उपयोग से युवाओं की एकाग्रता और रचनात्मकता प्रभावित हो रही है।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 9,194 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 49 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल हुए।
राज्यपाल डेका ने कहा कि बच्चों और युवाओं को मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए खेल-कूद, अध्ययन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में निरंतर बदलती सूचनाओं की आदत लोगों को ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ की ओर ले जा रही है, जिससे धैर्य और गहराई से सोचने की क्षमता प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवस्नातक चिकित्सकों से नैतिक मूल्यों और संवेदनशीलता के साथ चिकित्सा सेवा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा संस्थानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। इस अवसर पर नवस्नातक चिकित्सकों ने समाज सेवा और मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प भी लिया।



