NEET Paper Leak 2026: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में सीबीआई ने दो और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान धनंजय लोखंडे और मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है। धनंजय को अहिल्यानगर से हिरासत में लिया गया है, जबकि मनीषा की गिरफ्तारी पुणे से हुई है। जांच एजेंसी ने पिछले 24 घंटों के भीतर देश भर में 14 अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान भी चलाया है, जिससे इस रैकेट से जुड़े अन्य सुराग मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली की अदालत ने 5 आरोपियों को CBI रिमांड में भेजा
इससे पहले बुधवार को गिरफ्तार किए गए पांच अन्य आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बीवाल, शुभम खैनवार और दिनेश बीवाल को सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस बड़े नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सकेगा। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद से ही सीबीआई प्रोफेशनल तरीके से हर लीड पर काम कर रही है।
व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए फैलाया गया था पेपर
सीबीआई की शुरुआती जांच में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक करने का काम कर रहा था। आरोप है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्रों को पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट कर दिया गया था। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में भी यह सामने आया है कि लीक हुई सामग्री के हिस्से वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। इसी खुलासे के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लिया था।
10 लाख रुपये में हुआ पेपर का सौदा
सीबीआई के दावों के अनुसार, इस पूरे खेल में पैसों का बड़ा लेनदेन हुआ है। आरोप है कि 29 अप्रैल को यश यादव ने टेलीग्राम पर फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर साझा किए थे। आरोपी मांगीलाल ने कथित तौर पर लगभग 10 लाख रुपये के बदले इन पेपर्स को हासिल किया था। इसके बाद मांगीलाल ने इन पेपर्स की कॉपियां निकलवाईं और अपने बेटे अमन बीवाल सहित अन्य रिश्तेदारों और परिचितों में बांट दीं। वहीं, विकास बीवाल पर आरोप है कि उसने कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनका डेटा यश तक पहुँचाया ताकि पेपर का वितरण किया जा सके। फिलहाल, सीबीआई इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है



