वजन घटाने की दवा GLP-1 की सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी, अनधिकृत बिक्री पर सख्त कार्रवाई

0

वजन घटाने में इस्तेमाल होने वाली GLP-1 आधारित दवाओं की बढ़ती मांग के बीच भारत के औषधि महानियंत्रक (Drugs Controller of India) ने इनके वितरण और बिक्री पर निगरानी और कड़ी कर दी है। दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला में नैतिक फार्मास्यूटिकल प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए नियामक एजेंसियों ने अनधिकृत बिक्री और भ्रामक प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

हाल के समय में भारतीय बाजार में GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं के कई जेनेरिक संस्करण आने के बाद इनकी रिटेल फार्मेसियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और वेलनेस क्लीनिकों के माध्यम से मांग के अनुसार उपलब्धता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उचित चिकित्सकीय निगरानी के इन दवाओं का उपयोग गंभीर दुष्प्रभावों और स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए औषधि महानियंत्रक ने राज्य औषधि नियंत्रकों के साथ मिलकर फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन में संभावित अनियमितताओं को रोकने के लिए कई लक्षित कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य इन दवाओं की अनधिकृत बिक्री और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

10 मार्च 2026 को सभी दवा निर्माताओं को एक व्यापक परामर्श जारी किया गया, जिसमें सरोगेट विज्ञापनों और किसी भी प्रकार के अप्रत्यक्ष प्रचार पर स्पष्ट रूप से रोक लगाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को गुमराह करने या दवाओं के ऑफ-लेबल इस्तेमाल को बढ़ावा देने की संभावना खत्म की जा सके।

पिछले कुछ हफ्तों में प्रवर्तन गतिविधियों को भी तेज किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 49 संस्थाओं—जिनमें ऑनलाइन फार्मेसी वेयरहाउस, दवा थोक विक्रेता, रिटेलर और वेलनेस व स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं—का ऑडिट और निरीक्षण किया गया। इन निरीक्षणों का उद्देश्य अनधिकृत बिक्री, गलत पर्चे के आधार पर दवा वितरण और भ्रामक विपणन से जुड़ी संभावित उल्लंघनों की पहचान करना था। नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

नियामक एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना चिकित्सकीय निगरानी के वजन घटाने वाली दवाओं का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है। इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है कि ऐसी दवाओं का सेवन केवल योग्य चिकित्सकों की सलाह पर ही करें।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत में इस दवा के उपयोग की अनुमति केवल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के पर्चे पर दी गई है, जबकि कुछ विशेष स्थितियों में कार्डियोलॉजिस्ट भी इसे लिख सकते हैं। आने वाले हफ्तों में नियामक निगरानी को और तेज किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने तथा कानूनी कार्रवाई सहित सख्त कदम उठाए जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here