डिजिटल भारत निधि के तहत छत्तीसगढ़ में 513 नये 4जी मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि के तहत बीएसएनएल के माध्यम से 513 नये 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने इसे नक्सल प्रभावित और दूर-दराज के क्षेत्रों में शांति बहाली, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया।

साय ने कहा, ”यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में जारी प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, ”इन 4जी मोबाइल टावर की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ तथा विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं हासिल होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवा और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी।”

साय ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंंिकग सेवाएं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री कहा, ”यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नये अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।”

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दृष्टिकोण के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य ंिसधिया के प्रति हार्दिक आभार जताया और कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित एवं समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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