प्रमुख संपादक कौशल जोशी की रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सभी मीडिया संस्थानों से पंचायत स्तर पर होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखने का आग्रह किया है। सरकार का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार पर रोक लगाना बेहद आवश्यक है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गांवों के विकास, सड़क, पानी, आवास, रोजगार और अन्य योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन पूर्व में कई स्थानों पर भ्रष्टाचार का संगठित तंत्र सक्रिय था। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और बाहुबली तत्व पंचायतों की राशि का दुरुपयोग कर योजनाओं की रकम हड़प लेते थे, जिससे आम जनता को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता था।
सरकार ने कहा कि अब ऐसी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायतों में विकास कार्यों की निगरानी बढ़ाई जा रही है तथा मीडिया की सक्रिय भूमिका को लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
सरकार ने सभी पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे गांव-गांव तक पहुंचकर विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों को सामने लाएं, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके और जनता का पैसा जनता के हित में उपयोग हो सके।
सरकार का कहना है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं की सही निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत व्यवस्था स्थापित हो सके।



