बालेन शाह की पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा भारत के नाम, हाइड्रोपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बनेगी रणनीति

0

 नई दिल्ली
भारत-नेपाल के तनाव के बीच अच्छी खबर आ रही है। जल्द ही दोनों देशों के रिश्ते एक बार फिर पटरी पर आने वाले हैं। नवंबर के आखिरी में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा प्रस्तावित है।

इससे पहले बालेन शाह की पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा का एजेंडा तैयार करने के लिए भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के चार नवंबर को काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है। यह यात्रा कई महीनों के राजनयिक तनाव के बाद हो रही है। इसमें मिसरी की एक प्रस्तावित यात्रा का टल जाना और लिपुलेख को लेकर मतभेद जैसी घटनाएं शामिल हैं।

नेपाल मांग सकता है मदद
नवंबर में पीएम बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान नेपाल बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण, जलविद्युत क्षेत्र में नए निवेश और अटकी हुई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए भारत से वित्तीय सहायता मांग सकता है। भारत से वित्तीय मदद मिलने के बाद वहां की लटकी परियोजनाओं में तेजी आ सकती है।

लंबित हैं कई प्रोजेक्ट
काठमांडू चाहता है कि भारत की ओर से वित्तीय सहायता मिले। इस दौरे से वित्तीय प्रतिबद्धताओं को तेजी मिले मिलें। ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत हो और उन परियोजनाओं पर प्रगति हो जो पहले हुए समझौतों के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो पाए हैं।

तारीख पर बरकरार है संशय
इसके साथ ही दोनों देश ऐसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी विचार कर रहे हैं, जिनका उद्घाटन या शुरुआत इस दौरे के दौरान की जा सकती है। शाह का दौरा नवंबर के उत्तरार्ध में होने की उम्मीद है, हालांकि तारीखों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों से होगी बातचीत
भारत के नए राजदूत सुधाकर दलेला के 3 नवंबर को काठमांडू पहुंचने की संभावना है, जो मिसरी के प्रस्तावित आगमन से एक दिन पहले होगा। प्रधानमंत्री के दौरे का एजेंडा तय करने के लिए विदेश सचिव नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर सकते हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here