एमपी के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार

    0

     भोपाल

    प्रदेश में साढ़े चार लाख पेंशनरों की महंगाई राहत दस माह से नहीं बढ़ाई गई है। अभी भी इन्हें एक जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान में 58 और छठे वेतनमान में 257 की दर से महंगाई राहत मिल रही है।

    जबकि, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दी जा रही है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर एक जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत बढ़ाकर देने की मांग की है।

    कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव का आरोप

    पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी, प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने सामान्य प्रशासन विभाग के 26 मई 2026 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    जब अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को एक जनवरी 2026 से बढ़ी दरों पर 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो इसके लाभ से प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को वंचित क्यों रखा गया है।

    दस माह से पेंशनर महंगाई राहत में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी सीमित पेंशन पर निर्भर रहते हैं और उन्हें बढ़ती कीमतों के साथ चिकित्सा खर्च तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    शीघ्र मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी

    एसोसिएशन की भोपाल इकाई के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने महंगाई राहत में शीघ्र वृद्धि के आदेश जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हम आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को विवश होंगे।

    सूत्रों का कहना है कि सरकार दीपावली के आसपास महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसे लेकर वित्त विभाग तैयारी कर चुका है और वरिष्ठ स्तर से हरी झंडी की प्रतीक्षा है।

     

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here