ईरान पर ‘खतरनाक’ प्लान तैयार? अमेरिका-इजरायल हफ्तेभर में कुछ बड़ा करने वाले हैं!

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नई दिल्ली:

ईरान की जंग अब और खतरनाक होती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं. उन्होंने कहा कि मियाद खत्म होने के बाद ईरान पर कहर टूटेगा. इस बीच खबर है कि अमेरिका, ईरान में अपनी सबसे घातक मिसाइलों को तैनात करने जा रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अपनी एडवांस्ड स्टील्थ क्रूज मिसाइलें ईरान में तैनात करने की तैयारी कर रहा है.

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि मार्च के आखिर में एक आदेश जारी हुआ था, जिसके तहत ‘जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल एक्सटेंडेड रेंज’ (JASSM-ER) को मिडिल ईस्ट की ओर भेजा जाना था. यह दिखाता है कि अमेरिका अब ईरान में और घातक लड़ाई लड़ने के मूड में है.

लगभग 15 लाख डॉलर की कीमत की JASSM-ER मिसाइल एक लंबी दूरी का सटीक हथियार है. इसे ऐसे टारगेट पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है जिनकी सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी हो. यह मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम से भी आसानी से बच सकती है. 600 मील से ज्यादा की मारक क्षमता वाली इस मिसाइल को अमेरिका का अहम हथियार माना जाता है.

कम हो रहा अमेरिका का जखीरा

ईरान पर हमले के लिए अमेरिका लगातार खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है. ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका अपने जखीरे का लगभग दो-तिहाई ईरान जंग में इस्तेमाल कर चुका है. इसमें कम दूरी वाली JASSM मिसाइल भी शामिल है, जिसकी दूरी 250 मील है.

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था. इसके बाद बाद से मिसाइल इंटरसेप्टर और लंबी दूरी की मारक क्षमताओं वाले हथियारों का खूब इस्तेमाल हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि जितनी तेजी से हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है, उस हिसाब से इन्हें फिर से बनाने में कई साल लग जाएंगे. अमेरिका हमलों के लिए JASSM-ER जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है. इससे उसके सैनिकों को होने वाला खतरा तो कम हो जाता है लेकिन चीन जैसे ज्यादा ताकतवर दुश्मनों से निपटने के लिए रखे गए हथियारों का जखीरा कम होता जा रहा है.

अमेरिका और इजरायल का दावा है कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस के एक बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है, जिस कारण वे ईरान के काफी अंदर तक हमला करने के लिए सस्ते हथियारों का इस्तेमाल कर पा रहे हैं. हालांकि, शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका का एक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया. इसके तुरंत बाद ही एक A-10 विमान को भी ईरान ने मार दिया. साथ ही साथ दो रेस्क्यू हेलीकॉप्टर पर भी ईरानी सेना ने हमला किया.

सूत्र ने बताया कि इस जंग के शुरुआती चार हफ्तों के दौरान ने अमेरिका ने एक हजार से ज्यादा JASSM-ER मिसाइलों का इस्तेमाल किया है. उसने यह भी बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन के दौरान भी 47 मिसाइलें दागी गई थीं.

इजरायल का भी प्लान तैयार

अमेरिका जहां अब और ज्यादा घातक मिसाइलों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है. साथ ही इजरायल का भी अपना एक प्लान तैयार है, बस अमेरिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इजरायली सेना के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि इजरायल, ईरान की एनर्जी फैसेलिटीज पर हमला करने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए अमेरिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार भर है. उन्होंने बताया कि ऐसा कोई भी हमला एक हफ्ते के भीतर हो सकता है.

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