नक्सलियों को विस्फोटकों की आपूर्ति करने के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर

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नयी दिल्ली/हैदराबाद. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के लिए विस्फोटकों की खरीद और आपूर्ति से जुड़े साल 2024 के एक मामले में चार भगोड़ों समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को आरोपपत्र दायर किया.

एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनीष सोढ़ी और चारों फरार अभियुक्त सोढ़ी केसा, मनीला, मडकम केसा व सोढ़ी लखमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निवासी हैं. अधिकारी के मुताबिक, एनआईए ने मनीष सोढ़ी उर्फ हुर्रा को इस साल जुलाई में गिरफ्तार किया था. उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में अब तक सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर चुकी है.

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में मंगलवार को विशेष एनआईए अदालत में पेश पूरक आरोपपत्र में एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन के लिए विस्फोटकों और अन्य सामान की खरीद एवं आपूर्ति में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए पांचों आरोपियों को नामजद किया है.
राज्य पुलिस ने 25 सितंबर 2024 को मंतोष मंडल और एस नागार्जुन को गिरफ्तार करने के बाद मूल रूप से प्राथमिकी दर्ज की थी. एनआईए ने दिसंबर 2024 में स्थानीय पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी.

तेलंगाना के डीजीपी ने माओवादियों के फिर से उभार की आशंका को खारिज किया

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने राज्य में माओवादियों के फिर से उभार की आशंका को मंगलवार को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 500 से अधिक सदस्यों के 2025 में तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद माओवादी हथियार डाल रहे हैं.

पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “किसी भी प्रकार के उभार का कोई सवाल ही नहीं है…न ही उन्हें कोई समर्थन मिल रहा है, न ही पार्टी में कोई भर्ती हो रही है. इसलिए, हमें पूरा विश्वास है कि यह समस्या दोबारा पैदा नहीं होगी.” तेलंगाना में माओवादियों के सक्रिय समूहों या उनके उभार के खतरे के बारे में पूछे गए एक प्रश्न पर डीजीपी ने यह बात कही. इस साल तेलंगाना पुलिस के समक्ष भाकपा (माओवादी) के दो केंद्रीय समिति सदस्यों और 11 राज्य समिति सदस्यों सहित कुल 509 भूमिगत कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया.

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कुल 509 माओवादियों में से 483 छत्तीसगढ़ से, 24 तेलंगाना से और एक-एक महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें माओवादियों के फिर से संगठित होने की कोई संभावना दिखती है, इस पर तेलंगाना के पुलिस प्रमुख ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता…क्योंकि वे न केवल आत्मसमर्पण कर रहे हैं, बल्कि अपने हथियार भी डाल रहे हैं. इससे पता चलता है कि अब उनकी सक्रियता कम हो गई है….” भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव के राज्य में अपराध दर बढ़ने संबंधी आरोपों पर डीजीपी ने इसका खंडन करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है.

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